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नागपुर उच्च न्यायालय की महिला वकील पर वणी में चाकू से हमला

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आरोपी सुनील मोहितकर केस वापस लेने का बना रहा था दबाव !

प्रशांत रामटेके संपादक प्रबोधिनी न्युज – वणी 17 मार्च: वणी में कानून व्यवस्था को झकझोर देने वाली एक गंभीर घटना सामने आई है, जहां आरोपी सुनील मोहितकर ने एडवोकेट सोनिया गजभिए पर चाकू से हमला कर उन्हें घायल कर दिया। यह घटना मंगलवार सुबह की बताई जा रही है, जब महिला वकील अपनी छोटी बच्ची के साथ घूम रही थीं।

प्राप्त जानकारी के अनुसार , आरोपी सुनील मोहितकर ने अक्टूबर 2025 में WCL में कार्यरत एक महिला कर्मचारी से अपने लिए फेवर मांग रहा था जब महिला ने इन्कार किया तो आरोपी ने अपहरण करने की कोशिश की थी। जिसकी शिकायत पर आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उसी पीड़ित महिला का केस एडवोकेट सोनिया गजभिए लड़ रही थीं, जिसमें सुनील मोहितकर आरोपी है। बताया जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद सुनील मोहितकर लगातार वकील पर केस वापस लेने या पैरवी न करने के लिए दबाव बना रहा था। हालांकि, सोनिया गज़भिए ने इस दबाव को मानने से साफ इनकार कर दिया।

आपको बतादे कि, एडवोकेट सोनिया गजभिए एक सामाजिक कार्यकर्ता भी हैं ,और “भीमराज की बैठी” नामक संघटन भी चलती हैं । जिसमें वो गरीब एवं निसहाय महिलाओं की मदत करतीं जरूरत पड़ने पर उन्हें क़ानूनी सहायता में मदत करती हैं।

इसी बात से नाराज होकर आरोपी ने मंगलवार सुबह उन पर चाकू से जानलेवा हमला कर गाली गलौच किया । हमले के समय उनकी छोटी बच्ची भी मौके पर मौजूद थी, जिससे वह सहम गई। हमले में सोनिया गजभिए के हाथ पर गंभीर चोट लगी है, जिन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घटना की की शिकायत वणी थाने में की गयी है। पुलिस ने BNS की धारा 118(1),74,352,351(2) के तहत मामला दर्ज जांच शुरू कर दी है। परंतु महिला वकील सोनिया गजभिए ने पुलिस की जांच एवं आरोपी पर लगाई गई धाराओं से संतुष्ट नहीं है उन्होंने पुलिस पर आरोपी को बचाने के आरोप लगाए हैं।

इस घटना के बाद वकीलों और आम नागरिकों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। बार एसोसिएशन ने भी इस मामले को काफी गंभीरता से लिया है।
जानकारी के अनुसार आरोपी सुनील मोहितकर WCL कर्मचारी है। वहीं AUITUC MAJOR यूनियन का वणी एरिया का अध्यक्ष है। अभी तक उसे निलंबित नहीं किया गया है बताया जा रहा है जेल से छूटने के बाद वह ड्यूटी कर रहा है।

ऐसे में WCL कंपनी की आंतरिक पॉलिसी पर भी सवाल खड़े हो रहे कि आरोपी पर गंभीर धाराओं पर मामले दर्ज होने की बाद भी उसे अभी तक निलंबित क्यो नहीं किया गया ? बताया जा रहा है कि आरोपी का प्रभाव कम्पनी पर इतना अधिक है कोई भी अधिकारी उसके उपर निलंबन की कार्यवाही करने से कतराते है।
सवाल उठता है कि, क्या यहां भी कोई एप्स्ट्रीन फाइल है ?

जरा सोचिए जो आरोपी महिला वकील पर जान लेवा हमला कर सकता है, वे पीड़ित महिला को भी नुक्सान पहुंचा सकता जिसका उसने अपहरण करने की कोशिश की थी। और उसी पीड़ित महिला का केस सोनिया गजभिए लड़ रही थीं। निकट भविष्य में आरोपी से पीड़ित महिला एवं महिला वकील दोनों को ही खतरा है।ऐसी में पुलिस के आलाधिकारियों को आरोपी पर शक्त कार्यवाही करनी चाहिए।

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