
सर्वोदय शिक्षण मंडल के अंतर्गत शांताराम पोटदुखे विधि महाविद्यालय, चंद्रपुर में 26 नवंबर संविधान दिवस बड़े उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि देने से हुई। इसके बाद उपस्थित सभी छात्र–छात्राओं एवं शिक्षकों द्वारा संविधान की उद्देशिका का सामूहिक वाचन किया गया तथा संविधान की संक्षिप्त पुस्तिकाएँ वितरित की गईं।
मुख्य अतिथि एवं विशेष उपस्थितगण
कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य प्रा. एजाज शेख ने की। प्रमुख मार्गदर्शक के रूप में एलएलएम विभाग प्रमुख डॉ. पंकज काकडे, एलएलबी तीन वर्षीय अभ्यासक्रम प्रमुख डॉ. अभय बुटले, तथा राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी प्रा. नंदकिशोर भंडारी मंच पर उपस्थित रहे।
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य शेख सर ने कहा—
“संविधान भले ही कितना उत्तम क्यों न हो, लेकिन यदि उसे लागू करने वाले अधिकारी योग्य और ईमानदार न हों तो उसका कोई लाभ नहीं मिलता। भारत आज एक उभरती हुई आर्थिक महासत्ता है, इसलिए प्रत्येक नागरिक को शत-प्रतिशत योगदान देकर स्वयं को और देश को समृद्ध बनाना चाहिए.”
मुख्य मार्गदर्शक भाषण में डॉ. पंकज काकडे ने कहा—
“मूलभूत अधिकार जितने महत्वपूर्ण हैं, उतना ही आवश्यक है कि नागरिक अपने कर्तव्यों के प्रति जागरूक रहें। यदि कर्तव्यनिष्ठा सीखनी हो तो जापान से सीखना चाहिए।”
विद्यार्थियों का योगदान
कार्यक्रम की प्रस्तावना छात्र विजय कुलकर्णी ने प्रस्तुत की।
नम्रता सावंत ने कार्यक्रम का कुशलतापूर्वक संचालन किया, जबकि प्रगति उराडे ने मनमोहक गीत प्रस्तुत कर कार्यक्रम में उत्साह का संचार किया।
कार्यक्रम के अंत में नम्रता सुखदेवे ने आभार प्रदर्शन किया।
अन्य सम्मानित उपस्थितगण
पाँच वर्षीय विधि अभ्यासक्रम प्रमुख डॉ. मनीषा आवळे, डॉ. लीना लंगडे, डॉ. नंदिता नायर सहित महाविद्यालय के सभी कर्मचारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।
सभी के सहयोग से यह कार्यक्रम अत्यंत सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।















