

प्रबोधिनी न्युज नेटवर्क- जेल में गैंगरेप की जिस घटना ने पूरा पुलिस महकमे को हिला दिया था, वो खबर झूठी निकली। खूंटी जेल में कैदी से सामूहिक दुष्कर्म की खबर झूठी निकली है। जांच रिपोर्ट में ये बातें सामने आई है कि पूरी कहानी फर्जी थी। डीसी ने पूरे मामले में मजिस्ट्रेट और महिला डाक्टर की टीम बनायी थी। पूछताछ में शिकायत करने वाली महिला कैदी ने आरोपों से इनकार किया है। चिट्ठी में लगे हैंडराइटिंग को भी महिला कैदी ने पहचानने से इकार किया है।महिला कैदी ने ये भी कहा है कि वो जेल आने से पहले ही गर्भवती थी, जिसे कोर्ट के आदेश पर उसने गर्भपात कराया था।इस मामले में अब डीसी के आदेश पर FIR दर्ज कराया गया है। उपायुक्त ने मीडिया से बात में बताया कि टीम ने जांच में ये भी पाया गया कि जेल में बंद युवती के द्वारा जेल से कोई भी पत्र नहीं लिखा गया था. मेडिकल जांच के बाद ये सामने आया कि युवती की गिरफ्तारी से पहले ही वह गर्भवती थी। युवती के साथ किसी भी प्रकार का शारीरिक शोषण नहीं हुआ था दरअसल खूंटी उपकारा में बंद महिला कैदी के नाम से एक पत्र वायरल हुआ था। जिसमें जेल में कार्यरत दो कर्मियों पर दुष्कर्म करने और जबरन गर्भपात कराने का आरोप लगाया था। मामले में जिला प्रशासन की ओर से एसडीओ के नेतृत्व में बनी जांच टीम ने शुक्रवार को महिला मजिस्ट्रेट के समक्ष युवती और उसकी मां का बयान दर्ज कराया। दोनों ने रेप जैसी घटना से इनकार किया। डीसी ने बताया कि गलत आवेदन लिखने और वायरल करने के मामले पर एक एफआईआर दर्ज कराई जा रही है। डीसी ने कहा कि इस मामले की जांच करा कर छवि धूमिल करने वाले के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जाएगी।














