
दक्षिणायनमेंआताश्रावण
शिव आराधना करते श्रावण
देवी देवताओं का समय श्रावण
अनुकूल वातावरण देता श्रावण।।
आध्यात्मिक ज्ञान का दाता श्रावण
भक्ति भाव और प्रार्थना का माध्यम है श्रावण
आत्म अनुशासन और आंतरिक विकास का समय है श्रावण
मनोकामनाएं पूरी होती दिव्य -शक्ति की कृपा बरसती ऐसे शिव शक्ति की पूजा है श्रावण।।
श्रावण मास में सागर मंथन
श्रावण में ही शिव बने नीलकंठ
श्रावण में ही मार्कंडेय ऋषि ने अकाल मृत्यु का वरदान तन-मन।।
श्रावण मास में शिवशंभू काआशिष ढेरा
श्रावण मास में शिवशंभू को चढ़ता धतूरा
श्रावण मास में शिवशंभू को चढ़ता बेलपत्र
श्रावण मास में शिवशंभू को चढ़ता नया वस्त्र।।
तीन पत्तीयों वाली त्रिनेत्रधारी का प्रतीक माना जाता श्रावण में,
भक्तों के पाप और नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होजाती श्रावण में,
श्रावण नाम शिवशंभू को अति प्रिय है श्रावण में,
मेरे शिवशंभू की कृपा बरसती, जीवन में ,सुख शांति समृद्धि बहती है श्रावण में।।
अनुराधा मारचट्टीवार
हैदराबाद तेलंगाना.















